कटघोरा में जगह-जगह बने ऊँचे स्पीड ब्रेकर बढ़ा रहे परेशानी, रीढ़ और कमर के मरीजों की मुश्किलें गंभीर
जनहित का सवाल: दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के साथ आम नागरिकों की सुविधा और स्वास्थ्य का भी रखा जाए ध्यान

कटघोरा। शहर की सड़कों पर जगह-जगह बने ऊँचे एवं अव्यवस्थित स्पीड ब्रेकर अब आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। सड़क सुरक्षा के उद्देश्य से बनाए गए ये ब्रेकर यदि निर्धारित मानकों के अनुरूप न हों, तो वाहन चालकों के साथ-साथ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए भी असुविधा पैदा कर सकते हैं। विशेष रूप से रीढ़ की हड्डी, स्लिप डिस्क, कमर दर्द से पीड़ित तथा रीढ़ की सर्जरी करा चुके मरीजों को ऐसे ब्रेकरों से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
सुरक्षा के नाम पर असुविधा क्यों?
स्पीड ब्रेकर का उद्देश्य वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करना और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करना है। लेकिन जब ब्रेकर जरूरत से ज्यादा ऊँचे, अचानक बने हुए या निर्धारित मानकों के विपरीत होते हैं, तो वाहन को धीमा करने के बावजूद झटके लग सकते हैं। ऐसे झटके कमर एवं रीढ़ की समस्या से पीड़ित लोगों के दर्द और असहजता को बढ़ा सकते हैं। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा अन्य संवेदनशील यात्रियों को भी इससे परेशानी हो सकती है।
कटघोरा शहर में सड़कों पर बने स्पीड ब्रेकरों की स्थिति को लेकर नागरिकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इनका निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों और जनसुविधा को ध्यान में रखकर किया गया है? यदि किसी स्थान पर ब्रेकर अत्यधिक ऊँचा या असुविधाजनक है, तो उसकी जाँच और सुधार किया जाना आवश्यक है।

नगर पालिका और संबंधित विभाग करें निरीक्षण
जनहित में नगर पालिका, यातायात पुलिस तथा संबंधित सड़क निर्माण विभाग से मांग की जा रही है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर बने स्पीड ब्रेकरों का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। जहाँ ब्रेकर मानकों के विपरीत पाए जाएँ, वहाँ नियमानुसार उनकी ऊँचाई, ढलान और बनावट में सुधार किया जाए।
इसके साथ ही स्पीड ब्रेकर से पहले उचित चेतावनी संकेतक, स्पष्ट सफेद पट्टियाँ और रात में दूर से दिखाई देने वाली रिफ्लेक्टिव व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वाहन चालकों को समय रहते गति कम करने का अवसर मिल सके।
ब्रेकर हटाना नहीं, सुरक्षित बनाना है मांग
नागरिकों की मांग स्पीड ब्रेकरों को पूरी तरह हटाने की नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, मानकानुसार और जनसुविधा के अनुकूल बनाने की है। जहाँ गति नियंत्रण आवश्यक है, वहाँ उचित तकनीकी मानकों के अनुसार व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। वहीं, अनावश्यक या अव्यवस्थित ब्रेकरों को सुधारने के लिए संबंधित विभाग को पहल करनी चाहिए।
अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग कटघोरा शहर के स्पीड ब्रेकरों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार करेगा? सड़क सुरक्षा केवल वाहनों की गति कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित आवागमन, स्पष्ट संकेतकों और नागरिकों की सुविधा को भी समान महत्व देना जरूरी है। जनहित में प्रशासन को इस विषय पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
