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कोरबा न्यूज़

SECL के खिलाफ फिर उग्र हुआ भूविस्थापितों का आक्रोश

5 अक्टूबर को CMD कार्यालय घेराव और तालाबंदी की चेतावनी, हरदीबाजार-रेंकी-सलाईसिंगार के प्रभावित ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

कोरबा। SECL की दीपका परियोजना से प्रभावित हरदीबाजार, रेंकी और सरईसिंगार क्षेत्र के भूविस्थापितों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। 21 सितंबर को SECL मुख्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद मिले आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रभावित ग्रामीणों ने अब आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने 5 अक्टूबर को बिलासपुर स्थित SECL के CMD कार्यालय का घेराव कर तालाबंदी करने की चेतावनी दी है।

ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर सिंह कंवर ने SECL CMD को पत्र भेजकर प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी दी है। इससे पहले भी भूविस्थापितों ने दीपका GM कार्यालय में तालाबंदी कर SECL प्रबंधन के समक्ष अपनी नाराजगी दर्ज कराई थी। अब आंदोलन को SECL के शीर्ष कार्यालय तक ले जाने की तैयारी है।


21 सितंबर की बैठक के बाद बढ़ी उम्मीद, लेकिन लिखित जवाब का इंतजार


भूविस्थापितों की विभिन्न मांगों को लेकर 19 सितंबर को दीपका GM कार्यालय में तालाबंदी की गई थी। इसके बाद 21 सितंबर को बिलासपुर स्थित SECL मुख्यालय के CMD सभागार में प्रबंधन, प्रभावित ग्रामीणों और कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल की मौजूदगी में महत्वपूर्ण बैठक हुई।

बैठक में मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास, मकान नापी और बसाहट सहित विस्थापन से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी थी, जबकि शेष मांगों पर SECL प्रबंधन की ओर से 4-5 दिनों के भीतर लिखित जवाब देने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी उन्हें अपेक्षित लिखित जवाब या ठोस कार्रवाई नहीं मिली।


मुआवजा और पुनर्वास प्रमुख मुद्दे


भूविस्थापितों की प्रमुख मांगों में उचित मुआवजा, प्रभावित परिवारों को रोजगार, बेहतर पुनर्वास तथा मूलभूत सुविधाओं से युक्त बसाहट शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि विस्थापन से जुड़े मामलों का समाधान किए बिना उनके मकान और जमीन को लेकर आगे की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
21 सितंबर की बैठक के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, मुआवजा दिए जाने से पहले हरदीबाजार में मकानों को नहीं तोड़ने की बात कही गई थी। अब ग्रामीण इसी आश्वासन को लागू कराने की मांग कर रहे हैं।


‘आश्वासन नहीं, लिखित निर्णय चाहिए’


ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मामलों के समाधान की मांग की जा रही है। बैठकों में आश्वासन मिलने के बाद भी यदि जमीन पर कार्रवाई दिखाई नहीं देती, तो प्रभावित परिवारों का भरोसा कमजोर होता है। ग्रामीण अब स्पष्ट और लिखित निर्णय की मांग पर जोर दे रहे हैं।


5 अक्टूबर को बिलासपुर में होगा बड़ा प्रदर्शन


ग्राम पंचायत हरदीबाजार की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यदि लंबित मांगों पर तत्काल गंभीरता से निर्णय नहीं लिया गया, तो 5 अक्टूबर को SECL CMD कार्यालय, बिलासपुर का घेराव और तालाबंदी की जाएगी।
दीपका GM कार्यालय से शुरू हुआ विरोध अब SECL मुख्यालय तक पहुंचने की तैयारी में है। ऐसे में 5 अक्टूबर का प्रस्तावित आंदोलन प्रबंधन और भूविस्थापितों के बीच चल रहे गतिरोध के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल प्रस्तावित तालाबंदी और घेराव को लेकर SECL प्रबंधन की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।