बंगाल में इस बार भाजपा की जीत सुनिश्चित ,सीएम साय की इस टिप्पणी से प्रत्याशियों में उत्साह और तनाव दोनों

रायपुर। पश्चिम बंगाल दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार शाम रायपुर में बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में जनता टीएमसी सरकार के खिलाफ है और इस बार भाजपा की जीत सुनिश्चित है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वे झारग्राम जिले में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए और चार विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में रैली की। उन्होंने जनता से वोट देने की अपील की। रैली ऐतिहासिक थी और बड़ी संख्या में महिलाओं ने इसमें भाग लिया। सीएम साय ने कहा कि टीएमसी सरकार और ममता बनर्जी के खिलाफ जनता में काफी आक्रोश है। आम जनता को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है और पश्चिम बंगाल की बेटियों और बहुओं को सम्मान नहीं मिल रहा। यही कारण है कि इस बार भाजपा की जीत पक्की है। वहीं, सीएम साय ने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने 2026 में दिल्ली में बीजेपी की सरकार गिराने की बात कही थी और बंगाल चुनाव जीतने के बाद उनका अगला लक्ष्य दिल्ली की सत्ता होना है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाओं में उमड़े जनसैलाब और हर नामांकन रैली में भारी भीड़ देखकर ममता बनर्जी विचलित हैं। जनता का यह आक्रोश देखकर वे अब इस तरह के बयान दे रही हैं। सीएम साय ने जोर देकर कहा कि भाजपा की योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रति जनता का उत्साह पश्चिम बंगाल में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि लोग अब बदलाव चाहते हैं और भ्रष्टाचार तथा कार्यप्रणाली में नाकामी से तंग आ चुके हैं। इस दौरान उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने मत से लोकतंत्र और विकास की दिशा में योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि झारग्राम जिले की रैलियों में महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि लोग भाजपा के प्रति समर्थन जताने के लिए तैयार हैं। उन्होंने टीएमसी सरकार के फैसलों और प्रशासनिक नाकामियों पर भी कटाक्ष किया। साय ने यह स्पष्ट किया कि इस चुनाव में भाजपा की जीत निश्चित है और ममता बनर्जी को जनता का विरोध झेलना पड़ेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल पहले से ही गरम है और सीएम साय की यह टिप्पणी भाजपा और टीएमसी के बीच प्रत्याशियों और समर्थकों में उत्साह और तनाव दोनों बढ़ा सकती है।
