खाद्य निरीक्षक रीना साहू सस्पेंड : धान उपार्जन में लापरवाही का आरोप

धमतरी। छत्तीसगढ़ शासन ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी वर्ष 2025-26 के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने के आरोप में खाद्य निरीक्षक रीना साहू, मगरलोड, जिला धमतरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश संचालनालय खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी किया गया है। जारी निलंबन पत्र क्रमांक 3990/धान उपार्जन 2025, दिनांक 24.12.2025 के अनुसार, रीना साहू द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई गई और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। यह कार्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के प्रतिकूल पाया गया। शासन ने इसे कदाचरण की श्रेणी में माना है। निलंबन आदेश के तहत रीना साहू का मुख्यालय कार्यालय जिला खाद्य अधिकारी, धमतरी निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता दी गई है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 09 के तहत यह कार्रवाई की गई है। धान खरीदी अभियान राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है और इसका उद्देश्य किसानों को समय पर उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। इस योजना का क्रियान्वयन सही ढंग से न होने पर किसानों के हितों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। इस कारण शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निलंबन का निर्णय लिया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रीना साहू ने क्रियान्वयन में कमी बरती और विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किया। उन्हें बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई। इसका सीधा असर धान उपार्जन की प्रक्रिया और किसानों के हितों पर पड़ सकता था। निलंबन के बाद जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे धान खरीदी की प्रक्रिया में सतत निगरानी रखें और सुनिश्चित करें कि किसी प्रकार की लापरवाही या विलंब न हो। किसानों के हितों और योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। इस मामले को लेकर जिले में चर्चा तेज हो गई है। कृषि और खाद्य विभाग के अधिकारी इसे प्रशासनिक सख्ती का उदाहरण बता रहे हैं। वहीं, विभागीय सूत्रों का कहना है कि निलंबन से योजना के सुचारू संचालन में सुधार होगा और आगामी खरीदी अभियान में बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
