आमरण अनशन पर बैठे ठेकेदार के समर्थन में आए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और जिला ठेकेदार संघ : 6 माह से रोके भुगतान का मामला


कटघोरा। अटल परिसर एवं अटल मूर्तिस्थापना के ळम्बित भुगतान को लेकर अनशन में बैठे ठेकेदार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोरेलाल यादव और जिला ठेकेदार संघ के सचिव तथा नगर निगम कोरबा ठेकेदार संघ के अध्यक्ष असलम खान ने अपना समर्थन दिया है। असलम खान का कहना है कि ये समस्या केवल अनिल अग्रवाल का ही नहीं है अपितु निविदा में काम लेने वाले हर ठेकेदार की है । इस सरकार में 40,40,20 प्रतिशत भुगतान का रेशियों बहुत ही गलत और ठेकेदारों के लिए तकलीफदायक है। विभाग द्वारा भुगतान तीन किश्तों में किया जाता है प्रत्येक किश्त के लिए उस स्तर का कार्य पूर्ण होने के पश्चात ही भुगतान के लिए मांग पत्र भेजा जाता है सिस्टम इतना लचर है कि भुगतान की राशि आते आते कार्य ही पूर्ण हो जाता है । दूसरी ओर ठेकेदार भुगतान के अभाव में कार्य बंद नहीं कर सकता ऐसा करेगा तो समयवृद्धि की मार ठेकेदार को अतिरिक्त झेलना पड़ेगा। इस तरह नगर पालिका ,पंचायत एवं निगम में कार्य करने वालों ठेकेदारों की हालत भुगतान के लचर सिस्टम के कारण लाचार हो कर रह गया है।गौरतलब हो कि नगर पंचायत छुरीकला के द्वारा वर्ष 2024 में अटल परिसर निर्माण एवं मूर्तिस्थापना कार्य की निविदा अग्रवाल एजेंसी कटघोरा को दिया गया। अनुबंध के अनुसार ठेकेदार ने समयावधि के भीतर कार्य पूर्ण कर दिया। कार्य की कुल लागत 20 लाख बताई जा रही है जिसमें अभी तक कुल 40 प्रतिशत राशि का ही भुगतान होना बताया गया। शेष राशि के लिए विगत 6 माह से चक्कर कटवाया जा रहा है। कार्य पूर्ण होने के बाद भी भुगतान लंबित होने से परेशान अग्रवाल एजेंसी के प्रोपराइटर अनिल अग्रवाल ने भुगतान का उल्लेख करते हुए आमरण अनशन की चेतावनी भरा पत्र प्रेषित किया था । पत्र में लिखा गया है कि अटलपरिसर निर्माण एवं मूर्ति स्थापना कार्य पूर्ण किए 6 माह से अधिक समय हो गया है तथा जिसका हैंडओवर एवं लोकार्पण भी हो चुका है। कार्य पूर्ण करा कर भुगतान नहीं करना अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन है। पूर्व में दिए गए सूचना के अनुसार अनिल अग्रवाल आज 12 बजे से आमरण अनशन पर बैठ चुके हैं उनका कहना है कि जब तक भुगतान नहीं हो जाता यहां से उठने वाला नहीं हूं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कटघोरा और ठेकेदार संघ कोरबा के समर्थन से नगर पंचायत छुरी के लिए मामला गहराते नजर आ रहा है और भुगतान के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार सीएमओ की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही है।
