वाहन और मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 6 बाइक और 8 मोबाइल बरामद : साढ़े तीन लाख का सामान जब्त

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में लगातार हो रही वाहन और मोबाइल चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 6 मोटरसाइकिल और 8 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 3.50 लाख रुपये बताई जा रही है। चोरी की घटनाओं से परेशान थी पुलिस हाल के महीनों में दुर्ग शहर और आसपास के थाना क्षेत्रों में लगातार वाहन और मोबाइल चोरी की शिकायतें दर्ज की जा रही थीं। इस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की। मुखबिर से सूचना मिली कि बस स्टैंड दुर्ग में दो संदिग्ध युवक चोरी के मोबाइल और वाहन बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। इसके बाद पुलिस की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। Also Read – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की जल संसाधन विभाग के कामकाज की समीक्षा गिरफ्तार आरोपी और उनका नेटवर्क गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं – रमाशंकर उर्फ मुन्ना मेश्राम, निवासी ग्राम धुमा थाना पाटन शशांक मिश्रा उर्फ प्रिंस, निवासी पुलगांव पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे पिछले 6-7 सालों से अपने गांव छोड़कर दुर्ग बस स्टैंड के प्रतीक्षालय में रह रहे थे। यहां से ही वे चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। उन्होंने माना कि वे दुर्ग कोतवाली, मोहन नगर, पुलगांव, पाटन, नंदिनी और भिलाई नगर थाना क्षेत्र से मोटरसाइकिल चोरी करते थे। वहीं रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के प्रतीक्षालय के आसपास घूमने वालों से मोबाइल फोन चोरी करना उनकी आदत बन गई थी।
चोरी का माल बेचने का तरीका पुलिस पूछताछ में सामने आया कि रमाशंकर चोरी के वाहन और मोबाइल शशांक मिश्रा को बेचता था। शशांक फिर उन्हें आगे ग्राहकों को खपाता था। शशांक के कब्जे से पुलिस ने एक हीरो होंडा मोटरसाइकिल और 5 मोबाइल फोन बरामद किए। बस स्टैंड परिसर में छुपाकर रखी गई 5 मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं। कुल मिलाकर आरोपियों से 6 मोटरसाइकिल और 8 मोबाइल जब्त हुए हैं। बरामदगी की कुल कीमत करीब 3.50 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस की रणनीति और आगे की कार्रवाई पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई का नतीजा है। लगातार निगरानी और मुखबिर तंत्र के सहयोग से पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी और गश्त बढ़ाई जाएगी। साथ ही, ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य संभावित साथियों और खरीदारों की तलाश कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि चोरी का यह नेटवर्क और बड़ा हो सकता है।
शहरवासियों को मिली राहत दुर्ग में पिछले कुछ महीनों से बढ़ती चोरी की घटनाओं ने लोगों को परेशान कर दिया था। बाइक और मोबाइल चोरी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। इस कार्रवाई से शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस का कहना है कि अब चोरी के मामलों में कमी आएगी और आम लोगों का विश्वास बढ़ेगा। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की है कि कहीं भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
