छत्तीसगढ़ में लोगों को ठग रहीं नॉन बैंकिंग कंपनियां, वित्तीय फ्रॉड से जुड़े साढ़े चार सौ कर्मचारी गिफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सीधे साधे लोगों को ठगने के लिए कई नॉन बैकिंग कंपनियां काम कर रही हैं। यह कंपनियां बैंकों की तरह काम करती हैं जिससे उनके बहकावे में लोग आ जाते हैं।
छत्तीसगढ़ में लोगों को ठगने वाली नॉन बैंकिंग कंपनियां कानून की जद में आई हैं। ये कंपनियां बिल्कुल बैंकों की तरह काम करती थीं। यानी लोगों का पैसा जमा भी करवाती थीं और लोगों को लोन भी देती थीं।
ये लोगों की संपत्ति गिरवी रख कर कर्ज देती थीं और बाद में धोखाधड़ी कर देती थीं। पुलिस ने ऐसी कंपनियों के साढ़े चार सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब ये जांच कर रही है कि आखिर लोगों के साथ कितने की धोखाधड़ी हुई है। इन कंपनियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्यवाही भी शुरु की जा चुकी है।
छत्तीसगढ़ के फ्रॉड बैंक
छत्तीसगढ़ के सीधे सादे लोगों को ठगने के लिए कई नॉन बैकिंग कंपनियां काम कर रही हैं। यह कंपनियां बैंकों की तरह काम करती हैं जिससे उनके बहकावे में लोग आ जाते हैं। यह चिटफंड कंपनियों से अलग होती हैं क्योंकि ये लोगों को लोन भी मुहैया कराती हैं।
लेकिन इस लोन के लिए उनकी संपत्ति गिरवी रखती हैं और बाद में धोखाधड़ी कर उनकी संपत्ति हड़प लेती हैं। कानून की जद में ऐसी ही सात जिलों की 8 नॉन बैंकिंग कंपनियां आई हैं। इन कंपनियों पर धोखाधड़ी के सौ से ज्यादा प्रकरण बनाए गए हैं और साढ़े 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ये सात नॉन बैंकिंग कंपनियां छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में काम कर रही थीं। सरकार इनकी संपत्ति भी कुर्क करने की कार्यवाही कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन कंपनियों ने कितने लोगों की कितनी आर्थिक क्षति की है।
ये हैं फ्रॉड नॉन बैंकिंग कंपनियां
रायपुर – मिलियन माइंस कंपनी
रायपुर – जीएन गोल्ड कंपनी
महासमुंद – आरोग्य धनवर्षा डेवलपर्स
धमतरी – माइक्रो फायनेंस लिमिटेड
राजनांदगांव – अनमोल इंडिया कंपनी
कांकेर – यालस्को रियल स्टेट एग्रो फॉर्मिंग
रायगढ़ – अनमोल इंडिया एग्रो हर्बल फॉर्मिंग एंड डेयरीज केयर कंपनी लिमिटेड
बेमेतरा – केएमजे लैंड डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड
ये हुई कानूनी कार्यवाही
इन 7 जिलों की 8 कंपनियां पुलिस की जद में आई हैं। इन कंपनियों पर वित्तीय अनियमितता के 134 प्रकरण बनाए गए हैं। इन प्रकरणों में 462 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 106 लोगों के खिलाफ अदालत में चालान भी पेश कर दिया गया है। आइए आपको बताते हैं कि किस जिले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
राजनांदगांव – 53
सरगुजा – 51
सूरजपुर – 44
रायपुर – 41
दुर्ग – 28
जांजगीर चांपा – 26
सारंगढ़ – 24
रायगढ़ – 25
बलरामपुर – 19
कांकेर – 18
महासमुंद – 16
बलौदाबाजार – 15
कोरिया – 14
दंतेवाड़ा – 13
कोरबा – 13
खैरागढ़ – 1
यह कंपनियां छत्तीसगढ़ के छोटे छोटे आदिवासी जिलों में बैंकों की तरह काम करती हैं और लोगों की संपत्ति की ठगी करती हैं।
