चंदनपुर, शिकारीपारा और पूंछापारा में नशे व कबाड़ के अवैध कारोबार पर उठे सवाल
नशे की गिरफ्त में नाबालिग, चोरी की घटनाओं से लोग परेशान; बंद कबाड़ कारोबार के बावजूद चोरी का माल खपाने का आरोप

कटघोरा । चंदनपुर, शिकारीपारा और पूंछापारा क्षेत्र में कथित तौर पर कच्ची शराब और गांजे के निर्माण एवं बिक्री का कारोबार बड़े पैमाने पर संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय स्तर पर नशे की बढ़ती उपलब्धता और चोरी की घटनाओं को लेकर चिंता जताई जा रही है। आरोप है कि नशे की लत पूरी करने के लिए कुछ नाबालिग चोरी जैसी घटनाओं में शामिल हो रहे हैं। दिनदहाड़े लूट और रात के समय चोरी की घटनाओं ने क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में पुलिस की निगरानी और प्रभावी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
नशे के कारोबार पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में कथित रूप से कच्ची शराब और गांजे की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। लोगों का कहना है कि यदि नशे के अवैध कारोबार पर समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो इसका दुष्प्रभाव युवाओं और नाबालिगों पर पड़ सकता है। क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नशे के कारोबार से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है।
कागजों में बंद, हकीकत में चल रहा कबाड़ कारोबार?
क्षेत्र में कबाड़ कारोबार को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि पुलिस रिकॉर्ड में कबाड़ का काम बंद होने के बावजूद चंदनपुर, पूंछापारा और लखनपुर स्थित कबाड़ दुकानों पर कारोबार जारी है। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि चोरी का लोहा, टीन, लोहे के जाल और अन्य कीमती कबाड़ औने-पौने दामों पर खरीदा जा रहा है।
यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कबाड़ दुकानों में खरीदे और बेचे जा रहे सामान की जांच, खरीद संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन तथा संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल जरूरी है। हालांकि, संबंधित दुकानों की संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पत्रकार के घर से खिड़की फ्रेम, लोहे का जाल और बाउंड्री गेट चोरी
चोरी की घटनाओं का एक मामला पत्रकार चंदन बघेल के निवास से भी सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अज्ञात चोर उनके निवास से पांच खिड़की फ्रेम, खेत से लोहे के जाल का एक बंडल और बाउंड्री गेट उखाड़कर ले गए। बताया गया है कि घटना से संबंधित कुछ दृश्य सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं।


सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले संदिग्धों की उम्र लगभग 16 से 17 वर्ष के बीच प्रतीत होने की बात कही जा रही है। मामले में पुलिस चोरों की तलाश कर रही है। अब यह जांच का विषय है कि चोरी की गई सामग्री कहां ले जाई गई और क्या इस मामले का किसी कबाड़ खरीद केंद्र से कोई संबंध है।
पुलिस के सामने दोहरी चुनौती
एक ओर नशे के कथित अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर चोरी की घटनाओं और चोरी के सामान की संभावित खरीद-बिक्री की जांच का सवाल। क्षेत्रवासियों की मांग है कि पुलिस चंदनपुर, शिकारीपारा, पूंछापारा और लखनपुर में सघन जांच अभियान चलाए, संदिग्ध कबाड़ दुकानों के रिकॉर्ड की जांच करे और चोरी के मामलों में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करे।
अब देखना यह है कि पुलिस इन शिकायतों और आरोपों की जांच कर नशे के अवैध कारोबार, चोरी की घटनाओं तथा चोरी के सामान की संभावित खरीद-बिक्री पर कितना प्रभावी अंकुश लगा पाती है। क्षेत्र के लोग सुरक्षा और शांति की बहाली के लिए ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
