CGPSC केस में ED का बड़ा वार: पूर्व CM के OSD रहे एडिशनल कलेक्टर गिरफ्तार, 6 दिन की रिमांड

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती अनियमितता और कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। बलरामपुर-रामानुजगंज में पदस्थ एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से छह दिनों की ED रिमांड मंजूर की गई।
चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि वह वर्ष 2019 से 2022 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं। अब ED रिमांड के दौरान उनसे CGPSC भर्ती से जुड़े कथित लेन-देन, संपर्कों और डिजिटल साक्ष्यों को लेकर पूछताछ करेगी।
CGPSC मामले में लगातार बढ़ रहा ED का शिकंजा
CGPSC भर्ती मामले में ED की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इससे पहले 1 सितंबर को रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर में पांच ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इस कार्रवाई के दौरान उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था।
ED के मुताबिक, मामला CGPSC की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित अनियमितता, भ्रष्टाचार और प्रश्न-पत्र लीक से जुड़ा है। जांच एजेंसी ने EOW-ACB रायपुर और CBI-ACB रायपुर की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है।
तीन करोड़ से ज्यादा की कथित डील का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि CGPSC-2021 के प्रश्न-पत्रED ने जांच में दावा किया है कि अभ्यर्थियों को प्रभावित करने और उनसे रकम लेने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े प्रभावशाली लोगों के नाम और पद का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार केके चंद्रवंशी और तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ एक OSD के नाम तथा कथित प्रभाव के इस्तेमाल से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं। इसी कड़ी में अब चेतन बोरघरिया की भूमिका को लेकर भी पूछताछ की जा रही है।
मोबाइल, बैंक खातों और दस्तावेजों से खुलेगा राज?
ED ने इस मामले में 3 जून 2026 को भी तलाशी अभियान चलाया था। जांच के दौरान मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल सामग्री, बैंक स्टेटमेंट, दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है।
अब छह दिन की रिमांड में ED उपलब्ध डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर चेतन बोरघरिया से पूछताछ करेगी। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित भर्ती घोटाले में पैसों का नेटवर्क किस तरह संचालित हुआऔर इसमें कौन-कौन लोग जुड़े थे।
चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद CGPSC मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अब ED की पूछताछ से सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजरें टिकी हैं।
