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अपराध

पिता-पुत्र की मौत से गांव में  पसरा मातम, खेत में फांसी और अस्पताल में जहर से मौत

कांकेर। कांकेर जिले के फरसगांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। यहां ग्राम सोनाबेड़ा में पिता ने अपने ही खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि पिता के निधन के गम में बेटे ने जहरीला पदार्थ सेवन कर अपनी जान दे दी। यह दोहरी मौत न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए गहरी पीड़ा और सवाल छोड़ गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह सोनाबेड़ा निवासी [पिता का नाम उपलब्ध नहीं] (उम्र लगभग 50 वर्ष) अपने खेत में गए थे। दोपहर बाद ग्रामीणों ने खेत में एक पेड़ से लटका उनका शव देखा और गांव में खबर फैल गई। परिजनों को इसकी सूचना मिली, तो घर और गांव में मातम पसर गया। घटना की जानकारी जैसे ही मृतक के बेटे [बेटे का नाम उपलब्ध नहीं] (उम्र लगभग 25 वर्ष) को हुई, वह सदमे में आ गया। बताया जा रहा है कि बेटा घटना की सूचना देने फरसगांव थाना पहुंचा, लेकिन इस बीच उसने गहरे आघात में आकर कीटनाशक पी लिया। पोस्टमार्टम के दौरान खुलासा थाना प्रभारी ने बताया कि जब पिता के शव का पोस्टमार्टम चल रहा था, तभी बेटे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पूछताछ में सामने आया कि उसने कीटनाशक पी लिया है। तत्काल उसे उपचार के लिए फरसगांव अस्पताल लाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया। हालांकि रास्ते में ही युवक ने दम तोड़ दिया। पिता-पुत्र की मौत की खबर से गांव में सन्नाटा पसर गया है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों का स्वभाव शांत और मिलनसार था। अचानक हुई इस घटना से लोग स्तब्ध हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण लगातार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

आत्महत्या का कारण अज्ञात  है फिलहाल पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पिता ने आत्महत्या क्यों की। पुलिस परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे का कारण पता चल सके। वहीं बेटे की मौत को लेकर भी यह सवाल उठ रहे हैं कि उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। फरसगांव थाना पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना की पूरी जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।