तहसील कार्यालय में सक्रिय बिचौलियों के विरुद्ध अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन बहिष्कार आंदोलन

पाली। तहसील कार्यालय व अनुविभागीय – अधिकारी (राजस्व) कार्यालय परिसर में बिचौलिए सक्रिय हैं। जिससे कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही है। जिसे लेकर अधिवक्ता संघ ने उच्च अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन पहल नहीं हुई। जिससे नाराज अधिवक्ताओं ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार अनिश्चितकालीन बहिष्कार आंदोलन की शुरूवात कर दिया है। अधिवक्ता संघ पाली द्वारा विगत 22 जून से राजस्व न्यायालयों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार जारी है। जिसके कारण राजस्व न्यायालय कार्य प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन या शासन स्तर पर कोई पहल नहीं होने से अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है, जबकि अनिश्चितकालीन बहिष्कार के पूर्व जिलाधीश को संघ द्वारा 8 बिन्दुओं में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई थी। पहले भी मौखिक और लिखित रूप से समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन उदासीनता पूर्ण रवैया के चलते राजस्व न्यायालयो में समस्याओं का अम्बार लग गया। जिसका समर्थन अधिवक्ता संघ हरदीबाजार ने प्रस्ताव पारित कर किया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार अधिवक्ताओं ने काला फीता लगाकर राजस्व न्यायालय का कार्य किया। अधिवक्ता संघ पाली समर्थन के लिए जिला अधिवक्ता संघ कोरबा, अधिवक्ता संघ कटघोरा को पत्र व्यवहार किया है। साथ ही अध्यक्ष, सचिव राज्य विधिक परिषद, बिलासपुर को भी किया है, जिस पर संज्ञान लेते हुए रविंद्र परासर अध्यक्ष राज्य विधिक परिषद बिलासपुर ने अधिवक्ता संघ पाली के ज्ञापन के संबंध में जिलाधीश को कार्रवाई करने के लिए पत्र व्यवहार किया। साथ ही राजस्व मंत्री को भी मांग पत्र प्रेषित किया गया है। अधिवक्ता संघ पाली ने चेतावनी दी है कि यदि सप्ताह भर के भीतर मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी।
