आपत्तिजनक बयानों से जुड़े मामले में 26 दिन बाद अमित बघेल गिरफ्तार : 12 राज्यों में FIR

रायपुर। आपत्तिजनक बयानों से जुड़े मामले में पिछले करीब दो महीने से फरार चल रहे छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल ने आज रायपुर के देवेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब शुक्रवार को उनकी मां का निधन हो गया था। बघेल बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ थाने पहुंचे, जिसके मद्देनजर रायपुर कोर्ट परिसर और पुलिस स्टेशन के आसपास की सुरक्षा को बेहद कड़ी कर दिया गया है। पुलिस इस पूरे मामले को “उच्च जोखिम” श्रेणी में रखकर निगरानी कर रही है। बता दें कि अमित बघेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, सरगुजा, धमतरी, रायगढ़ और जगदलपुर में FIR दर्ज हैं। प्रदेश से बाहर एमपी के इंदौर और ग्वालियर, यूपी के प्रयागराज, महाराष्ट्र, नोएडा सहित कुल 12 राज्यों में उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वे पिछले 26 दिनों से फरार थे और कई बार अपनी लोकेशन बदलते रहे।
बताया गया है कि मां के निधन के बाद उपजी संवेदनशील स्थिति के कारण बघेल ने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। उनकी मां के शव को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव पथरी ले जाया गया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि सरेंडर के बाद, बघेल अस्थायी ज़मानत (Temporary Bail) के लिए अदालत में आवेदन कर सकते हैं, जिसमें वह अपने मातृ-वियोग से जुड़े कारणों का हवाला दे सकते हैं।
बघेल के आत्मसमर्पण का यह घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के ठीक बाद हुआ है। 26 नवंबर को कोर्ट ने बघेल की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें किसी भी तरह की राहत देने से मना कर दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़े शब्दों में टिप्पणी की थी कि “अपनी जुबान पर लगाम रखें। आपको किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी, कानून अपना काम करेगा।” अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि बघेल को उन सभी 12 राज्यों में दर्ज FIR की कानूनी प्रक्रिया का ईमानदारी से सामना करना होगा और अदालत FIR क्लबिंग या किसी अन्य राहत पर कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी।
