Googly News Korba

276 x 101 copy
Big Breaking News
कोरबा न्यूज़

रेलवे स्टेशन परिसर में करंट हादसे में झुलसे कर्मचारी की मौत : पेंटिंग के दौरान हुआ था हादसा

कोरबा। कोरबा रेलवे स्टेशन परिसर में हुए करंट हादसे में झुलसे 25 वर्षीय कर्मचारी श्याम चौहान की इलाज के दौरान मौत हो गई है। हादसा 24 नवंबर को स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक के यार्ड में स्थित दुर्घटना राहत वैन के पास हुआ था। गंभीर रूप से झुलसे श्याम को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर चिकित्सा के लिए भिलाई के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया था। आज इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे में घायल दूसरा युवक सुरक्षित है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा रेलवे के सी एंड डब्ल्यू विभाग द्वारा पेंटिंग के लिए लगाए गए ठेकेदार के माध्यम से हुआ। ठेकेदार ने स्टेशन के पास की बस्ती के दो युवकों को वैन पेंटिंग का काम सौंपा था। घटना वाले दिन दोनों युवक वैन पर चढ़कर पेंटिंग कर रहे थे। सामान्यतः इस प्रकार के कार्यों के दौरान ओवर हेड इक्विपमेंट (OHE) लाइन को बंद रखा जाता है, ताकि कर्मचारी सुरक्षित रूप से काम कर सकें। हालांकि, आरोप है कि पेंटिंग पूरा होने से पहले ही ओएचई लाइन चालू कर दी गई। जैसे ही दोनों युवक वैन के ऊपरी हिस्से पर पहुंचे, वे अचानक 25 हजार वोल्ट की करंट लाइन के संपर्क में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।
        हादसे के बाद रेलवे परिसर में मौजूद कर्मचारियों और आरपीएफ स्टाफ ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। इसके बावजूद, रेलवे अस्पताल में मौजूद नई एंबुलेंस चालू हालत में नहीं पाई गई। मजबूरी में झुलसे दोनों युवकों को आरपीएफ के विभागीय वाहन से जिला अस्पताल ले जाया गया। इस घटना ने रेलवे की तैयारी और आपातकालीन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल श्याम चौहान को भिलाई रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वहीं दूसरा युवक सुरक्षित है और उसे अस्पताल में भर्ती कर लगातार निगरानी में रखा गया है।

            हादसे के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था, ठेकेदार प्रणाली और आपातकालीन प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का आरोप है कि ओएचई लाइन काम के दौरान चालू क्यों की गई। पेंटिंग का कार्य बिना सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण के स्थानीय युवकों को क्यों सौंपा गया। रेलवे की नई एंबुलेंस हादसे के समय उपयोग में क्यों नहीं लाई गई। इस पूरी घटना ने रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी और कर्मचारी सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय लोग मृतक श्याम चौहान के परिवार के लिए उचित मुआवजा और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।स्थानीय और विभागीय प्रतिक्रिया स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रबंधन से तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और जिम्मेदार ठेकेदार व कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी सुरक्षा नियमों का पालन न करने और आपातकालीन वाहन उपलब्ध न रहने के कारण यह हादसा गंभीर सुरक्षा चूक का उदाहरण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कर्मचारियों को काम सौंपने से पहले सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और ओएचई लाइनों की स्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी स्टेशनों और यार्डों में सुरक्षा मानकों का पुनरीक्षण करने का निर्देश दिया है। कर्मचारियों को उच्च वोल्टेज लाइन के संपर्क में आने से बचाने के लिए प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, आपातकालीन व्यवस्थाओं जैसे एंबुलेंस और बचाव साधनों की नियमित जाँच को अनिवार्य किया जाएगा। कोरबा रेलवे स्टेशन पर यह हादसा न केवल एक युवक की जान लेने वाला था, बल्कि रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में निहित गंभीर खामियों को उजागर करता है। हादसे ने ठेकेदार प्रणाली, सुरक्षा मानक और आपातकालीन तैयारी पर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।