पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के बेटे से 58 लाख की धोखाधड़ी, साइबर फ्राड की संभावना

रायपुर। राजधानी रायपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के बेटे नितिन अग्रवाल से 58 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई है। आरोप है कि फेडरल बैंक, जीई रोड शाखा के अधिकारियों ने बिना उनकी अनुमति के उनके बैंक खाते से लाखों रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए। घटना की शिकायत आजाद चौक थाने में दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
नितिन अग्रवाल, जो कि स्वर्ण भूमि, मोवा, रायपुर में रहते हैं और रियल एस्टेट का कारोबार करते हैं, ने बताया कि उनका बैंक खाता फेडरल बैंक की जीई रोड शाखा में है। उन्होंने शिकायत में बताया कि 8 सितंबर को उनके खाते से तीन अलग-अलग लेन-देन के माध्यम से पैसे ट्रांसफर किए गए। पहले ट्रांजैक्शन में 29 लाख रुपये, दूसरे में 18 लाख 5 हजार रुपये और तीसरे में 11 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। कुल मिलाकर यह राशि लगभग 58 लाख 5 हजार रुपये बनती है। नितिन के अनुसार, इन लेन-देन के लिए उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई थी, फिर भी बैंक अधिकारियों ने उनके खाते से पैसे निकाल कर दूसरे खातों में भेज दिए।शिकायत मिलने के बाद आजाद चौक थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि बैंक अधिकारियों को पैसे ट्रांसफर करने के लिए व्हाट्सएप पर लेटरहेड में निर्देश भेजे गए थे। माना जा रहा है कि यह फर्जी दस्तावेज़ के आधार पर किया गया साइबर फ्रॉड हो सकता है। हालांकि बैंक प्रबंधन ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है। पुलिस का मानना है कि बैंक अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही इस धोखाधड़ी में शामिल हो सकती है। साथ ही, साइबर अपराधियों द्वारा बैंक के लेटरहेड का दुरुपयोग कर धोखा देने का मामला भी जांच के दायरे में है। पुलिस टीम ने बैंक से संबंधित दस्तावेज़, ट्रांजैक्शन रिपोर्ट, मोबाइल चैट और डिजिटल सबूत इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। साथ ही, जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनकी जानकारी लेकर उनके उपयोग का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
नितिन अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि उन्हें लेन-देन की जानकारी तब मिली जब बैंक से अकाउंट स्टेटमेंट मिला। इसके बाद उन्होंने तत्काल बैंक से संपर्क किया और मामले की शिकायत दर्ज कराई। नितिन ने कहा कि यह धोखाधड़ी उनके विश्वास को तोड़ने वाली घटना है और ऐसे मामलों से आम लोगों में भय का माहौल बनता है। बैंक की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार बैंक प्रबंधन मामले को लेकर सतर्क है और जांच में सहयोग कर रहा है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि साइबर अपराध से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी लेटरहेड किसने भेजा और किन खातों में राशि ट्रांसफर हुई।
