10 सूत्रीय मांगों को मनवाने एनएचएम कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले अनिश्चितकालीन आंदोलन रविवार को भी जारी रहा। सरकार की उदासीन रवैये से नाराज कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय के धरना स्थल पर पोला पर्व मनाया। कर्मचारियों ने नंदी बैल, जांता और चुकिया की पूजा-अर्चना की। वहीं महिला कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ी व्यंजन ठेठरी-खुरमी और भजिया बनाकर सामूहिक रूप से त्योहार मनाया। बारिश में भी कर्मचारी धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
जिला अध्यक्ष पूरन दास, डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. डोमन यादव, डॉ. बृजेश कुमार दुबे, लक्ष्मी पटेल, रेशमी बंजारे, प्रियंका यदु और हेमलता कुर्रे ने कहा कि जब तक लिखित आदेश जारी नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेशभर में करीब 16 हजार एनएचएम कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को प्रदर्शन कर रहे हैं। जिनमें नियमितीकरण, सविलियन, लंबित 27% वेतन वृद्धि और ग्रेड पे शामिल है। बेमेतरा जिले से रोज 400 कर्मचारी धरना स्थल पर उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि भाजपा के घोषणा पत्र और मोदी की गारंटी में 100 दिनों के भीतर एनएचएम संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा किया गया था, लेकिन 20 महीने बीतने के बाद भी अधूरा है।
स्वास्थ्य सेवाएं ठप, मरीज बेहाल, बढ़ी रही परेशानी प्रदर्शनकारियों ने बताया कि हड़ताल के चलते जिले सहित पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव, खून, पेशाब, ट्रू-नाट, सीबीनाट जांच, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया की पहचान, ओपीडी प्रभावित हो रही है। साथ ही नवजात शिशु देखभाल, आंगनबाड़ी स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण आहार वितरण, वृद्ध स्वास्थ्य परीक्षण, बीपी-शुगर टेस्ट जैसी सेवाएं लगभग ठप हो चुकी हैं। ग्रामीण उप स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ताले लटके हुए हैं। कई अस्पतालों में रात्रिकालीन प्रसव सेवाएं बंद है।
