छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तीन अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ता घोषित किया

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में एक अहम निर्णय लेते हुए तीन वरिष्ठ अधिवक्ताओं को विधिक मान्यता प्रदान की है। उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 16 तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नामांकन) नियम, 2018 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए अशोक कुमार वर्मा, मनोज विष्णनाथ परांजपे और सुनील ओटवानी को वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) के रूप में नामित किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप हुआ चयन यह नियुक्ति भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित इंदिरा जयसिंह बनाम भारत के सर्वोच्च न्यायालय मामले (दिनांक 12 अक्टूबर 2017) में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है। उस ऐतिहासिक निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नामांकन की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता-आधारित बनाने हेतु स्पष्ट मानदंड तय किए थे। उसी के आलोक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी अपनी प्रक्रिया को निर्धारित कर यह निर्णय लिया।

