GST काउंसिल की महाबैठक आज: कारोबारियों और आम करदाताओं को मिल सकती हैं बड़ी राहतें, नियम होंगे आसान

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था को और सरल एवं कारोबार-अनुकूल बनाने की दिशा में आज होने वाली GST काउंसिल की 57वीं बैठक पर देशभर के व्यापारियों और उद्योग जगत की नजरें टिकी हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में GST अनुपालन को आसान बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में रजिस्ट्रेशन, रिटर्न फाइलिंग, रिफंड, विवाद निपटान और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े नियमों को सरल बनाने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है। प्रस्तावों का उद्देश्य कारोबारियों के लिए कागजी कार्रवाई, समय और अनुपालन की लागत को कम करना बताया जा रहा है।

छोटे कारोबारियों और ई-कॉमर्स सेक्टर पर भी फोकस
GST परिषद की बैठक में छोटे व्यापारियों और ई-कॉमर्स कारोबारियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने के उपायों पर भी विचार हो सकता है। इससे छोटे कारोबारियों को GST से जुड़ी प्रक्रियाओं में राहत मिलने की उम्मीद है।
जानबूझकर टैक्स चोरी और गलती में होगा अंतर?
GST कानून में बदलाव से जुड़ी सिफारिशें भी बैठक के एजेंडे में महत्वपूर्ण हो सकती हैं। लॉ कमेटी ने ऐसे मामलों में अंतर करने की सिफारिश की है, जहां जानबूझकर टैक्स चोरी या फर्जी ITC का इस्तेमाल किया गया हो और जहां कर भुगतान में कमी या देरी अनजाने में हुई हो।
वर्तमान व्यवस्था में गंभीर GST अपराधों के मामलों में CGST Act की धारा 69 के तहत गिरफ्तारी का प्रावधान है। ऐसे मामलों में प्रस्तावित बदलावों से करदाताओं को बड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

रिफंड प्रक्रिया में तेजी पर भी नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहले ही GST सुधारों के अगले चरण में सरल अनुपालन और बेहतर रिफंड व्यवस्था पर जोर दे चुके हैं। ऐसे में उद्योग जगत को उम्मीद है कि परिषद के फैसलों से कारोबारियों की कार्यशील पूंजी और निवेश प्रक्रिया को गति मिल सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 57वीं GST काउंसिल की बैठक से आम करदाता, छोटे व्यापारी और उद्योग जगत को वास्तव में कितनी राहत मिलती है। परिषद के फैसलों पर आज पूरे देश की नजर रहेगी।
