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रतनपुर

तालाब में 8 फीट का मगरमच्छ फंसा, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

रतनपुर । जिले की धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी रतनपुर में शुक्रवार को एक विशालकाय मगरमच्छ तालाब में दिखाई दिया, जिसने स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों के बीच सनसनी फैला दी। घटना सुबह की बताई जा रही है, जब रोज की तरह मछुआरे तालाब में जाल डालकर मछलियां पकड़ रहे थे। मछुआरों ने बताया कि जाल डालने के दौरान उन्हें असामान्य रूप से भारी महसूस हुआ। कड़ी मशक्कत के बाद जब जाल को किनारे की ओर खींचा गया, तो उसमें एक 8 फीट लंबा मगरमच्छ फंसा हुआ था। इस नजारे को देखकर मछुआरों के होश उड़ गए और तालाब किनारे मौजूद लोग भी हैरान रह गए।जैसे ही मगरमच्छ के जाल में फंसे होने की खबर आम हुई , आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग भी देखने के लिए तालाब के पास इकट्ठा होने लगे। लोगों की यह भीड़ कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में फैल गई। हालांकि, मगरमच्छ की सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग को तुरंत सूचित किया गया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने पहले आसपास की भीड़ को नियंत्रित किया और उसके बाद विशेष उपकरणों की मदद से मगरमच्छ को जाल से बाहर निकालने का प्रयास किया। रेस्क्यू में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि मगरमच्छ जाल में फंसा होने के कारण छटपटाते हुए सुरक्षित बाहर आने की कोशिश कर रहा था। वन विभाग की टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए उसे पकड़कर सुरक्षित स्थिति में रखा।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह 8 फीट लंबा मगरमच्छ बेहद खतरनाक हो सकता था, इसलिए रेस्क्यू के दौरान सभी सुरक्षा उपाय अपनाए गए। इसके बाद मगरमच्छ को खूंटाघाट डैम में छोड़ दिया गया । स्थानीय मछुआरों ने इस घटना के बारे में बताया कि तालाब में अक्सर मछलियां पकड़ने के दौरान छोटे मगरमच्छ दिखाई देते हैं, लेकिन इस बार का मगरमच्छ विशालकाय और असामान्य रूप से बड़ा था, जो उन्हें हैरानी में डाल गया। वन विभाग ने ग्रामीणों और मछुआरों को यह चेतावनी भी दी कि तालाबों और जलाशयों में प्राकृतिक जीवन को खतरे में डाले बिना, सतर्कता से कार्य करें। विभाग ने कहा कि तालाब और नदी के किनारे किसी भी प्रकार का अप्रत्याशित वन्यजीव  दिखाई दे तो तुरंत स्थानीय वन अधिकारियों को सूचित किया जाए। इस दौरान स्थानीय लोगों और मछुआरों की मदद भी रेस्क्यू में अहम साबित हुई। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी और तालाब किनारे सुरक्षित दूरी बनाए रखने में सहयोग किया। वन अधिकारी ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान मगरमच्छ को किसी भी प्रकार की चोट नहीं आई और इसे प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वहीं ग्रामीण और स्थानीय लोग इस घटना को देखकर काफी उत्साहित और हैरान थे। घटना का वीडियो भी कई लोगों ने रिकॉर्ड किया, जिसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया। वीडियो में मछुआरों की मेहनत और वन विभाग के रेस्क्यू ऑपरेशन को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।