मानसिक रूप से अज्ञात अस्वस्थ महिला को सेन्दरी मेंटल हेल्थ हॉस्पिटल में भर्ती करा कर लैलूंगा पुलिस ने दिया मानवता का परिचय

बिलासपुर।रायगढ़ जिले की लैलूंगा पुलिस ने अपनी मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को उपचार के लिए राज्य मनोरोग अस्पताल, सेन्दरी (बिलासपुर) भेजा। यह पहल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। घटना की जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव को स्थानीय ग्रामीणों से सूचना मिली कि लारीपानी बस स्टैंड के आसपास एक अज्ञात महिला घूम रही है। महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही थी और वह अपना नाम या पता स्पष्ट रूप से बताने में असमर्थ थी। महिला के परिजनों का पता नहीं चल सका, जिससे उसकी सुरक्षा और उपचार की तत्काल आवश्यकता उत्पन्न हुई।
थाना प्रभारी ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए महिला के संबंध में जानकारी इकट्ठा की और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। महिला की मानसिक स्थिति को देखते हुए, पुलिस ने उचित कदम उठाते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी से अनुमति प्राप्त की और महिला को उपचार हेतु सेन्दरी अस्पताल भेजा। महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए दो महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। उन्होंने महिला के दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री का प्रबंध किया और सुनिश्चित किया कि महिला सुरक्षित रूप से अस्पताल में भर्ती हो सके। इस पहल की स्थानीय लोगों ने खुले दिल से सराहना की। एसएसपी रायगढ़, शशि मोहन सिंह ने कहा, “जिला पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का पालन भी कर रही है। इसमें जरूरतमंद और असहाय लोगों की सहायता करना शामिल है। रायगढ़ पुलिस ऐसे मानवीय कार्यों के लिए हमेशा तत्पर है।” मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों की सुरक्षा और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना समाज की जिम्मेदारी है।
इस घटना ने दिखाया कि पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखती है, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग के लिए संवेदनशीलता और मानवता भी प्रदर्शित करती है। स्थानीय लोग इस पहल को एक प्रेरणादायक कदम मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह कदम समाज में सकारात्मक संदेश भेजता है और यह दिखाता है कि जरूरत पड़ने पर पुलिस केवल अपराध नियंत्रण नहीं करती, बल्कि असहाय लोगों की मदद करने के लिए भी तैयार रहती है। लैलूंगा पुलिस की यह पहल स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण है। महिला की सुरक्षित देखभाल, अस्पताल तक पहुँचाने की व्यवस्था और दैनिक आवश्यकताओं का प्रबंध यह दर्शाता है कि पुलिस ने पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य किया। यह घटना रायगढ़ पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी, मानवता और समुदाय के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है। पुलिस प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि महिला को तत्काल उपचार मिले और उसकी सुरक्षा बनी रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की पहल भविष्य में भी जारी रहेगी, ताकि जरूरतमंद और असहाय लोग समाज में सुरक्षित महसूस करें। पुलिस और स्थानीय समुदाय के बीच यह सहयोग समाज में मानवता और सुरक्षा के मूल्यों को मजबूत करता है।
