Googly News Korba

276 x 101 copy
Big Breaking News
सूरजपुर

सूरजपुर में वन विभाग के गेस्ट हाउस में लड़कियों के अश्लील डांस का मामला : वायरल वीडियो ने सिस्टम पर उठाये गंभीर सवाल

सूरजपुर ।  सूरजपुर में वन विभाग के गेस्ट हाउस में लड़कियों के अश्लील डांस ने हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियों में देखा जा सकता है कि गेस्ट हाउस में मौजूद लोगों के बीच लड़कियां अश्लील गानों पर डांस कर रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यहीं कि क्या वन विभाग के विश्राम गृह ऐसे आयोजनों के लिए दिये जा सकते है ?

गौरतलब है कि गरियाबंद जिले में एसडीएम और पुलिस की मौजूदगी में बार बालाओं के अर्धनग्न अश्लील डांस ने पूरे प्रदेश की नजर अपनी ओर खींची थी। अभी ये मामला शांत भी नही हुआ था कि ताजा मामला सूरजपुर जिले का सामने आया है। यहां पर्यटन स्थल कुमेली स्थित वन विभाग के विश्राम गृह में कथित तौर पर अर्धनग्न युवतियों के अश्लील डांस और शराबखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आते ही जिले में हड़कंप मच गया है। इसके साथ ही वन विभाग के विश्राम गृहों की सुरक्षा व निगरानी पर सवालियां निशान लग गया है।

वायरल वीडियों में देखा जा सकता है कि कुमेली के फारेस्ट गेस्ट हाउस के भीतर कुछ लोग फर्श पर बैठे नजर आ रहे हैं और उनके सामने युवतियां आपत्तिजनक गानों पर नृत्य कर रही हैं। वीडियों खुलेआम शराबखोरी भी दिखाई दे रही है। आरोप है कि रेस्ट हाउस में लंबे समय से रात के समय अय्याशी की महफिल सजती है। अश्लील डांस, शराबखोरी और जुए की गतिविधियां खुलेआम चलने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं और पूरी रात रेस्ट हाउस में ऐसे लोगों का जमावड़ा लगा रहता है।

क्षेत्रवासियों के अनुसार यह सिलसिला पिछले तीन-चार वर्षों से जारी है। सोशल मीडिया में वायरल इस वीडियों ने एक बार फिर प्रशासनिक और वन विभाग की कार्य प्रणाली को कटघरे में खड़े कर दिया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी विश्राम गृह किसके संरक्षण में इस तरह के अवैध मनोरंजन का केंद्र बन गया ? विश्राम गृह की बुकिंग, चाबी की जिम्मेदारी और वहां आने-जाने वालों की एंट्री का रिकॉर्ड किसके पास था ? क्या बिना विभागीय अनुमति के बाहरी लोगों को गेस्ट हाउस में रूकने दिया गया?

या फिर जिम्मेदारों की मिलीभगत से ऐसे आयोजन को स्वीकृति दी गयी ? इस घटना ने न केवल सूरजपुर बल्कि राज्य में पर्यटन स्थलों की सुरक्षा, सरकारी परिसरों की जवाबदेही और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस वायरल वीडियो को महज सोशल मीडिया का शोर मानकर नजरअंदाज करता है, या फिर निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों को बेनकाब कर उन पर सख्त कार्रवाई करता है। ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।