प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी क्रियान्वयन : घर की छत से मिल रही ऊर्जा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना ने आम नागरिकों के जीवन में बिजली बचत, सुविधा और स्थायी ऊर्जा के नए अवसर खोले हैं। जिले के पत्थलगांव निवासी बालेश्वर यादव ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किया है। पहले श्री यादव हर महीने लगभग 5,000 रुपये का बिजली बिल भरते थे, लेकिन सोलर सिस्टम के लगने के बाद उनका बिल लगभग शून्य हो गया है।
इसके अतिरिक्त, श्री यादव अब उपयोग से बची हुई बिजली को ग्रिड में बेचकर आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोलर सिस्टम लगने से अब उन्हें बिजली कटौती या बढ़ते बिल की चिंता नहीं रहती। वे अपनी आवश्यक बिजली स्वयं उत्पन्न कर रहे हैं और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं। इस योजना के तहत राज्य में नागरिकों को सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सब्सिडी और वित्तीय सहायता पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा की जा रही है, जिससे लोगों को योजना का अधिकतम लाभ मिल सके। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना का उद्देश्य घरेलू ऊर्जा खपत को कम करना और हर घर में स्वच्छ ऊर्जा पहुँचाना है। इसके माध्यम से राज्य में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरणीय लाभ भी सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से न केवल लोगों के बिजली बिल में राहत मिली है, बल्कि इससे स्थायी ऊर्जा के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की पहल से छत्तीसगढ़ में ग्रीन एनर्जी अपनाने की प्रवृत्ति मजबूत होगी और राज्य ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर होगा। बालेश्वर यादव जैसी सफलता कहानियां इस योजना की सफलता और प्रभावशीलता को दर्शाती हैं। वे अब अपने अनुभव साझा करके अन्य नागरिकों को योजना में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस योजना के माध्यम से आम नागरिकों को सौर ऊर्जा के लाभ, आर्थिक बचत और पर्यावरण संरक्षण के तीनों क्षेत्रों में फ़ायदा मिल रहा है। राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग की ओर से लगातार जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में राज्य मजबूत कदम बढ़ा सके।
