हसदेव नदी में पिकनिक मनाने गए 5 लोग डूबे : जांजगीर चांपा जिले के पंतोरा चौकी का मामला

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शनिवार को हसदेव नदी में एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें 5 लोग नदी में डूब गए। घटना पंतोरा चौकी क्षेत्र के देवरी गांव के पास हुई। मिली जानकारी के अनुसार, सभी लोग पिकनिक मनाने के लिए नदी किनारे पहुंचे थे। हादसा शनिवार शाम करीब 5 बजे हुआ। इस दौरान नदी में तैरते समय कुछ लोग गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मौके पर मौजूद अन्य लोग उन्हें बचाने का प्रयास करते रहे।हादसे में दो लोगों की जान बचा ली गई, जिनमें एक युवक जांजगीर-चांपा जिले का निवासी और एक युवती बिलासपुर की रहने वाली है। जबकि तीन लोग अभी लापता हैं। लापता लोगों की पहचान अंकुर कुशवाहा, स्वर्ण रेखा और आशीष भोई के रूप में हुई है। ASP उमेश कश्यप ने इस हादसे की पुष्टि की और बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि लापता लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम और नगर सेना के गोताखोर दल तुरंत मौके पर रवाना हुए। हालांकि अंधेरा होने और पानी की गहराई के कारण बचाव अभियान में कठिनाइयां आ रही हैं। प्रशासन ने क्षेत्र को सुरक्षित किया और स्थानीय लोगों से भी सहयोग मांगा गया। रेस्क्यू टीम में अनुभवी गोताखोर और स्थानीय पुलिस शामिल हैं। टीम ने नदी के किनारे और पानी के भीतर व्यापक स्तर पर तलाश शुरू की। ASP उमेश कश्यप ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन रात भर जारी रहेगा और सुरक्षा के सभी उपाय किए जा रहे हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी किनारे पिकनिक मनाने आए लोग शाम के समय नदी में उतर गए, लेकिन गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण 5 लोग डूब गए। आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन तीन लोग पानी में लापता हो गए। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को नदी में असावधानी से न उतरने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि नदी के इस हिस्से में गहरा पानी और तेज धार है, जिससे इस तरह के हादसे होने की संभावना रहती है।
ASP उमेश कश्यप ने बताया कि प्रशासन ने नदी के किनारे सुरक्षा बैरियर और चेतावनी बोर्ड लगाने की योजना बनाई है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पिकनिक या मनोरंजन के लिए नदी में उतरने से पहले सतर्क रहें और किसी भी असावधानी से बचें। नदी, झील और तालाब के किनारे सुरक्षा उपायों और प्रशिक्षित बचाव दल की उपस्थिति से इस तरह के हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
