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कोरबा न्यूज़

दंतेल हाथी ने  ग्रामीण को कुचलकर उतारा मौत के घाट : वन विभाग अलर्ट मोड पर

कटघोरा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मानव-हाथी संघर्ष ने एक बार फिर अपना घातक रूप दिखाया है। जिले के कटघोरा वनमंडल के अंतर्गत पसान वन परिक्षेत्र में रविवार शाम एक दंतेल हाथी ने तनेरा गांव निवासी धन सिंह पोर्ते (50) पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को इस घटना की पुष्टि की। घटना का विवरण पसान वन परिक्षेत्राधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि धन सिंह पोर्ते जंगल गए हुए थे, तभी उनका सामना एक दंतैल हाथी से हो गया। हाथी को देखकर पोर्ते ने भागने का प्रयास किया, लेकिन हाथी ने उन्हें अपनी सूंड से उठाकर पटक दिया और पैरों के नीचे कुचल दिया। इस हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान कर दी गई है, जबकि शेष 5.75 लाख रुपये शासन के नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रदान किए जाएंगे।

क्षेत्र में हाथियों की संख्या और सतर्कता अधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि पसान वन परिक्षेत्र में लगभग 57 हाथी विचरण कर रहे हैं। इसे देखते हुए ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने के लिए सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने के लिए चेतावनी दी गई है। छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में मानव-हाथी संघर्ष पिछले एक दशक से चिंता का प्रमुख कारण बना हुआ है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में यह खतरा राज्य के मध्य क्षेत्र के जिलों तक भी फैल गया है। कोरबा सहित मुख्य प्रभावित जिले हैं— सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर और बलरामपुर। मानव-हाथी संघर्ष का मुख्य कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में कमी और ग्रामीण इलाकों में खेती और बसावट के लिए जंगलों के अतिक्रमण को माना जा रहा है। इसके चलते हाथी अक्सर मानव बस्तियों में प्रवेश कर जाते हैं और कभी-कभी जानलेवा हमलों का कारण बन जाते हैं

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि हाथियों के जंगल से निकल कर गाँव और खेतों में आने की घटनाएं आम हो गई हैं। इससे न केवल फसलें और संपत्ति का नुकसान होता है, बल्कि मानव जीवन पर भी खतरा बढ़ता है। उन्होंने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया है कि क्षेत्र में हाथियों की निगरानी बढ़ाई जाए और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं। वन विभाग ने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ग्रामीणों को जंगल में अकेले जाने से बचना चाहिए। यदि हाथियों का सामना हो जाए, तो उन्हें शांत रहने और हाथियों को provoked नहीं करने की सलाह दी गई है।

शासन ने मानव-हाथी संघर्ष के मामलों में मृतक या घायल व्यक्तियों के परिवारों के लिए राहत राशि का प्रावधान किया है। कोरबा में धन सिंह पोर्ते के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि शेष 5.75 लाख रुपये औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिए जाएंगे। वन विभाग ने क्षेत्र में लगातार पैट्रोलिंग बढ़ा दी है और हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।