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सरगुजा

मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने  किया नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण : उपलब्ध व्यवस्थाओं का लिया जायजा

मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ की मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने आज मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के नगर पंचायत खोंगापानी स्थित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, उपचार और परामर्श सेवाओं का विस्तार से अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि नशामुक्ति केंद्र समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

निरीक्षण के दौरान उपलब्ध व्यवस्थाएँ मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने केंद्र में रह रहे लाभार्थियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं को समझा। केंद्र में चिकित्सा सुविधाएँ, मानसिक परामर्श, योगाभ्यास, जीवन कौशल प्रशिक्षण तथा पुनर्वास सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। मंत्री ने केंद्र की स्वच्छता, पोषणयुक्त भोजन, दवाइयों की उपलब्धता तथा परामर्श सत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से जानकारी ली कि किस प्रकार प्रभावित व्यक्तियों को नशे से बाहर लाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
नशामुक्ति केंद्र की भूमिका इस केंद्र का उद्देश्य नशे की लत से ग्रसित व्यक्तियों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास प्रदान कर उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने योग्य बनाना है। मंत्री ने कहा कि नशा समाज के लिए गंभीर समस्या है, जो परिवारों को तोड़ता है और युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है। नशामुक्ति केंद्र न केवल उपचार की सुविधा देता है, बल्कि सामाजिक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित भी करता है।

अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश निरीक्षण के दौरान मंत्री ने केंद्र में उपलब्ध सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए और परामर्श सेवाओं को मजबूत कर उन्हें निरंतर समर्थन दिया जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि केंद्र की सुविधाओं को समय-समय पर अपडेट किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। मंत्री ने कहा कि नशे से मुक्त समाज ही स्वस्थ और सुरक्षित समाज की पहचान है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे नशे के खिलाफ आवाज उठाएँ और प्रभावित लोगों को उपचार एवं पुनर्वास केंद्र तक पहुँचाने में सहयोग करें। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को खेलकूद, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।